पृथ्वी का पूर्ण ऑरोरा रिंग दिखा: SMILE मिशन ने लिया पूरा नज़ारा
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वैज्ञानिकों ने पहली बार एक ही शॉट में पूरे ऑरोरा ओवल को कैद किया है। सोलर वाइंड मैग्नेटोस्फीयर आयनोस्फीयर लिंक एक्सप्लोरर (SMILE) मिशन ने 6 अक्टूबर 2026 को यह तस्वीर साझा की। इस दृश्य से हमारी पृथ्वी और सूर्य के बीच होने वाले अंतर्क्रिया को नए सिरे से समझने का मौका मिला है। पारंपरिक जमीनी नज़ारे सिर्फ रात वाले हिस्से को ही दिखाते थे। अब उपलब्ध डेटा से पृथ्वी के चुंबकीय ध्रुवों के चारों ओर बना पूरा रिंग संरचना स्पष्ट हो गया है।
सौर हवा से आने वाले आवेशित कण जब हमारे ऊपरी वायुमंडल पर टकराते हैं, तो ऑरोरा ओवल चमकता है। सदियों से पूरे चक्र को देखना मुश्किल रहा है। दिन की रोशनी सतह से देखे जाने पर दिन वाले हिस्से को छिपा देती है। पृथ्वी से बहुत ऊपर स्थित अंतरिक्ष यान इस सीमा को पार कर सकते हैं। SMILE मिशन यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और चीनी विज्ञान अकादमी का संयुक्त प्रयास है। यह अल्ट्रावायलेट इमेजिंग तकनीक का उपयोग करता है। इससे दिन के समय भी कमजोर विकिरणों को कैद किया जा सकता है। जुलाई के अंत में ली गई टाइम-लैप्स वीडियो में एक घंटे में मैग्नेटोस्फीयर के बदलाव को दिखाया गया है।
यह उपलब्धि हमें स्पेस वेदर को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती है। सौर हवाओं के साथ होने वाली अंतर्क्रियाएं उपग्रहों और पावर ग्रिड को प्रभावित कर सकती हैं। ऑरोरा ओवल के दोनों तरफ दिख रहे चमकीले बिंदु वास्तव में तारे हैं। जैसे-जैसे अंतरिक्ष यान अपनी कक्षा में घूमता है, ये तारे खिसکتے हुए लगते हैं। यह व्यापक डेटा वैज्ञानिकों को मैग्नेटोस्फीयर की गतिशीलता को अधिक सटीक रूप से मॉडल करने में सक्षम बनाता है। बेहतर मॉडल अंतरिक्ष और पृथ्वी पर मौजूद तकनीकी उपकरणों की सुरक्षा को बढ़ाते हैं। SMILE जैसे मिशन हमारे निकटतम अंतरिक्ष वातावरण को आकार देने वाले बलों को समझने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं।