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यूरोपवासियों, दो ऊर्जा संकटों के बाद विद्युतीकरण ही यूरोप का रास्ता है। यह रही 2040 तक 46% की योजना

25 August 2026 · 1 min read

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स्टावेंजर, नॉर्वे (स्रोत)

क्या यूरोप अपने ऊर्जा भविष्य को लेकर सचमुच निश्चिंत हो सकता है? पांच सालों में दो बड़े ऊर्जा संकट आ चुके हैं। यह सवाल अब केंद्र में है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने स्टावेंजर में ऑफशोर नॉर्दर्न सीज़ (ONS) सम्मेलन को अपने वीडियो संबोधन में इसका स्पष्ट जवाब दिया। वह जवाब है विद्युतीकरण।

उन्होंने श्रोताओं को याद दिलाया कि ONS पिछले पांच दशकों से सरकारों और उद्योग को एक मंच पर ला रहा है। इस लंबी साझेदारी का महत्व पहले कभी इतना नहीं रहा। पिछले पांच सालों में यूरोप को गंभीर उथल-पुथल से गुजरना पड़ा। महाद्वीप उम्मीद से बेहतर स्थिति में रहा, क्योंकि देशों ने मिलकर काम किया। भरोसेमंद साझेदारों के साथ आपूर्ति के रास्ते विविध किए गए। इसमें नॉर्वे की केंद्रीय भूमिका रही। उद्योग ने आगे बढ़कर यूक्रेन के घरों को गर्म रखा और अस्पतालों को चालू रखा। और जब होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हुआ, तो संयुक्त प्रयासों ने बाजारों को शांत किया और नागरिकों तथा कारोबारों को भरोसा दिया।

अब वाला हिस्सा आपके लिए दिलचस्प होगा। स्वच्छ ऊर्जा में बदलाव पहले ही बड़ा काम कर रहा है। पिछले साल यूरोप की 70 प्रतिशत से अधिक बिजली स्वच्छ स्रोतों से आई। अकेले पवन और सौर ऊर्जा ने सभी जीवाश्म ईंधनों के कुल उत्पादन से अधिक बिजली पैदा की। स्वच्छ बिजली की इस बढ़त ने हालिया संकट में ढाल का काम किया। बड़ा अवसर अभी आना बाकी है।

फिलहाल यूरोप की कुल अंतिम ऊर्जा खपत में बिजली की हिस्सेदारी एक चौथाई से भी कम है। इसका मतलब है कि परिवहन, हीटिंग और उद्योग में इस्तेमाल होने वाली अधिकांश ऊर्जा अब भी दूसरे स्रोतों से आती है। अगला चरण इन क्षेत्रों का विद्युतीकरण करना है। यूरोपीय आयोग ने पहले ही एक ग्रिड्स पैकेज प्रस्तावित किया है। इससे नेटवर्क आधुनिक होंगे, अनुमति प्रक्रिया तेज होगी, भंडारण बढ़ेगा और सिस्टम अधिक डिजिटल बनेगा। पिछले महीने आयोग ने एक कदम और आगे बढ़कर विद्युतीकरण कार्य योजना पेश की। लक्ष्य सीधा और महत्वाकांक्षी है। 2040 तक यूरोप की कुल ऊर्जा का 46 प्रतिशत बिजली से आना चाहिए।

46 प्रतिशत ही क्यों? क्योंकि इस लक्ष्य को पूरा करने से यूरोप का ऊर्जा भविष्य पूरी तरह उसके अपने हाथों में होगा। स्वच्छ बिजली स्थानीय स्तर पर पैदा होती है, खासकर नॉर्थ सी जैसे क्षेत्र में। परिवहन, हीटिंग और उद्योग जितना अधिक इस पर चलेंगे, उनकी लागत उतनी ही कम वैश्विक जीवाश्म ईंधन बाजारों पर निर्भर होगी। वॉन डेर लेयेन ने इसे यूरोप को जीवाश्म ईंधन की कीमतों के झटकों से हमेशा के लिए मुक्त करने की रणनीति बताया।

यह संदेश सिर्फ बिजली के बारे में नहीं है। कार्बन कैप्चर और स्टोरेज की भी चर्चा हुई। स्टावेंजर से कुछ सौ किलोमीटर दूर यूरोप भर के कारखानों से पकड़ी गई CO2 को समुद्र तल के नीचे सुरक्षित संग्रहित किया जा रहा है। यूरोपीय संघ के समर्थन से यह परियोजना हर साल 50 लाख टन से अधिक CO2 संभालने के लिए विस्तार कर रही है। यह एक ठोस उदाहरण है कि स्वच्छ ऊर्जा में बदलाव किस तरह उत्सर्जन घटा सकता है, नई औद्योगिक मूल्य श्रृंखलाएं बना सकता है और उन्नत तकनीक के डिजाइन और उत्पादन को यूरोप में बनाए रख सकता है।

यह सब रातोंरात नहीं होगा। ONS हमेशा से वह जगह रहा है जहां सिर्फ बातें नहीं होतीं, बल्कि फैसले आकार लेते हैं। अध्यक्ष ने अपने समापन भाषण में यह बात कही। दुनिया को स्टावेंजर में जुटे विचारों, तकनीकों और निवेशों की जरूरत है। सरकारें और उद्योग मिलकर भविष्य की ऊर्जा प्रणाली बना सकते हैं। जो कोई भी उस भविष्य की परवाह करता है, उसके लिए दिशा अब स्पष्ट है। यूरोप सिर्फ एक स्वच्छ ऊर्जा प्रणाली की योजना नहीं बना रहा है। वह एक विद्युतीकृत ऊर्जा प्रणाली की योजना बना रहा है।